संक्षिप्त, द्वितीय पंचवर्षीय योजना १६५६

Abstract

दूसरी पंचवर्षीय योजना का मसविदा योजना आयोग द्वारा तैयार किया गया और राष्ट्रीय विकास परिषद ने २ मई १९५६ को इसे स्वीकार किया। योजना का उद्देश्य पहली पंचवर्षीय योजना की सफलताओं को आगे बढ़ाते हुए उत्पादन, पूंजी निवेश, और रोज़ी-रोज़गार के अवसरों में वृद्धि करना है। योजना में समाजवादी ढंग के समाज की नींव डालने, गरीब और कमजोर वर्गों को विकास के अधिकतम अवसर प्रदान करने, और देश के विभिन्न क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। योजना आयोग ने राज्यों और केंद्र सरकारों के सहयोग से स्थानीय और जिला स्तर की योजनाओं को राष्ट्रीय ढांचे में समायोजित किया। दूसरी योजना के दौरान कृषि उत्पादन में वृद्धि, औद्योगिक विकास, सार्वजनिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण उद्योगों का निर्माण, और पूंजी निवेश में तेज़ी लाने की योजना बनाई गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय आय में २५ प्रतिशत की वृद्धि और १ करोड़ से १ करोड़ २० लाख व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजन सुनिश्चित करना लक्ष्य रखा गया। हालांकि पहली योजना ने राष्ट्रीय आय, उत्पादन और आधारभूत संरचना में महत्वपूर्ण प्रगति की, लेकिन जीवन स्तर अभी भी न्यूनतम है, इसलिए दूसरी योजना के माध्यम से पूंजी निवेश, उत्पादन और रोजगार की गति को और तेज़ करना आवश्यक है।

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भारत सरकार योजना आयोग

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Planning Commission - 1956

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