वार्षिक योजना 2009-10
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Planning Commission
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ब्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-2) का प्रमुख जोर समावेशी लक्ष्य को हासिल करना है, जिसके तहत समाज के सभी वर्ग विकास एवं प्रगति की प्रक्रिया में समान लाभ प्राप्त करते हैं। समाज - आर्थिक अवसंरचना, मानव संसाधनों के विकास, रोजगार के और अधिक अवसरों के सृजन, जिनमें विभिन्न समाज - आर्थिक समूहों, वंचित रहे लोगों पर अधिक ध्यान दिया गया आदि में ठोस सुधार के परिणाम स्वरूप समावेशी विकास की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। इसका लक्ष्य है कि विकास प्रक्रिया में धारणीयतता लाई जाए, जिनसे अधिक लाभ प्राप्त हो सके और सब के लिए समान अवसर सुनिश्चित हो सकें। ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना समावेशी विकास के लिए व्यापक रणनीति प्रस्तुत करती है, जो अर्थव्यवस्था की बढ़ती मजबूती पर टिकी है और इसी के साथ ही सामने आने वाली त्रुटियों के समाधान पर भी ध्यान केंद्रण किया जाता है। ग्यारह पंचवर्षीय योजना में उल्लिखित समावेशी विकास का मुख्य उद्देश्य उस विकास प्रक्रिया को प्रवर्तित करना है जो लोगों, विशेष रूप से गरीबों, अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के जीवन स्तर में व्यापक सुधार सुनिश्चित करती है। प्रतिकूलताग्रस्त और अब तक उपेक्षित रहे वर्गों का सशक्तिकरण समावेशी विकास का अनिवार्य घटक है। वास्तविक समावेशी विकास की कार्यनीति सभी विकास क्षेत्रों जैसे कि कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और सफाई, महिला और बाल विकास, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण आदि को कवर करती है ।
Description
योजना आयोग भारत सरकार
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Citation
Planning Commission - 2009
