नौवीं पंचवर्षीय योजना 1997-2002 योजना आयोग की आंतरिक बैठकों में तैयार किया गया प्रारूप निष्पादन सार
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योजना आयोग
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नौवीं योजना का उद्देश्य पांच वर्षों में सामाजिक न्याय और समता के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित करना है। योजना के चार मुख्य आयाम हैं: जीवन गुणवत्ता, उत्पादक रोजगार सृजन, प्रादेशिक संतुलन और आत्मनिर्भरता। इसके अंतर्गत रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन के लिए कृषि एवं ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है। योजना में खाद्य और पोषण सुरक्षा, सुरक्षित पेयजल, प्राथमिक स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, और प्रारंभिक शिक्षा जैसी सामाजिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए सार्वजनिक निवेश और सहकारी संघवाद की भूमिका को मजबूत किया जाएगा। आत्मनिर्भरता के लिए घरेलू संसाधनों का अधिकतम उपयोग और निर्यात संवर्धन पर ध्यान दिया गया है। विकास कार्यनीति में सरकारी हस्तक्षेप को प्रतिस्पर्धा और बाजार संतुलन के लिए अनुकूल बनाया जाएगा, जबकि निजी क्षेत्र और पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। नौवीं योजना का केन्द्र बिन्दु राष्ट्रीय उद्देश्यों की सुसंगति के तहत आर्थिक वृद्धि, सामाजिक समावेश, पर्यावरणीय सुरक्षा और आधारसंरचना के विकास को सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से गरीब और अल्पसंख्यक वर्गों को सशक्त बनाने, क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और देश की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
Description
भारत सरकार योजना आयोग
Citation
Planning Commission - 1998
