आठवीं पंचवर्षीय योजना खंड - 1 उददेश्य, परिदृश्य, वृहद् आयाम, नीति संरचना और संसाधन

Abstract

हम आठवीं पंचवर्षीय योजना ऐसे व्यापक परिवर्तनों की पृष्ठभूमि में शूरू कर रहे हैं, जिसने अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था बदल दी है. केन्द्रीकृत अर्थव्यवस्थाएं मुक्त बाजार शक्तियों और प्रतिस्पर्दधा के लिए खुल रही हैं. मानव विकास के लिए आर्थिक व्यवस्था के पुनर्गठन में सक्रिय सहयोग और रचनात्मक स्वतंत्रता हेतु जनशक्ति का महत्वपूर्ण विकास भी प्रस्फुटित हो रहा है. परिवर्तन की इस लहर ने भारत को भी अछूता नहीं छोड़ा है. ऐसे कठिन और अशांत समय में, हमें इन परिवर्तनों के साथ शीघ्रता और सक्रियता से समायोजन करना होता है |

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भारत सरकार योजना आयोग

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Planning Commission - 1992

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