आठवी पंचवर्षीय योजना 1992-97 खंड - 2 विकास के क्षेत्रीय कार्यक्रम
| dc.contributor.author | Planning Commission | |
| dc.date.accessioned | 2024-05-08T07:00:16Z | |
| dc.date.available | 2024-05-08T07:00:16Z | |
| dc.date.issued | 1992 | |
| dc.description | भारत सरकार योजना आयोग | |
| dc.description.abstract | कृषि और उससे संबंध क्षेत्र उत्पादन सकल घरेलू उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान करते हैं। अकेले ये क्षेत्र सकत घरेलू उत्पादन (जी.डी.पी.) का लगभग 33% बैठता है। समाज की मूलभूत जरुरतें, भारतीय उद्योगों के लिये कच्चा माल कृषि क्षेत्र में उत्पन्न होता है। इसके साथ राष्ट्र की संपन्नता व समृद्धि इसपर निर्भर करती है। रोजगार की दृष्टि से लगभग 2/3 कर्मी कृषि पर निर्भर हैं और कृषि 'जीवनयापन करते हैं। कच्चे और तैयार माल दोनो ही रूप से निर्यात से हुआ आय का एक अधिकांश कृषि उत्पादन से ही आता है। | |
| dc.identifier.citation | Planning Commission - 1992 | |
| dc.identifier.issn | C2772 | |
| dc.identifier.uri | http://10.21.131.211/handle/123456789/4049 | |
| dc.identifier.uri | http://10.21.131.211:8080/eBook/C2772/index.html | |
| dc.language.iso | other | |
| dc.publisher | Planning Commission | |
| dc.relation.ispartofseries | C-4137 | |
| dc.title | आठवी पंचवर्षीय योजना 1992-97 खंड - 2 विकास के क्षेत्रीय कार्यक्रम | |
| dc.title.alternative | भारत सरकार योजना आयोग | |
| dc.type | Report |
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- आठवी_पंचवर्षीय_योजना_1992-97_खंड - 2_विकास_क्षेत्रीय_कार्यक्रम.pdf
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